श्रीनगर की डल झील शिकारा सैर, हाउसबोट, तैरते बाग़ों और किनारे के बाग़ों के लिए जानी जाने वाली शहरी झील है। आप दर्शनीय स्थलों को देखने या आने-जाने के लिए शिकारा तय कर सकते हैं, फिर किनारे पर मौजूद निशात बाग़ और शालीमार बाग़ जैसे मुग़लकालीन बाग़ों की सैर कर सकते हैं।
- स्थान: श्रीनगर, जहाँ चार जल-भाग बाँधों से अलग होते हैं।
- झील का विस्तार: 18 वर्ग किलोमीटर; इसका किनारा लगभग 15.5 किलोमीटर लंबा है।
- शिकारा का किराया: मार्ग और सैर की अवधि के अनुसार बदलता है।
- तैरता बाज़ार: सुबह जल्दी निकलने की योजना बनाएँ और पिछली रात ही शिकारा तय कर लें।

डल झील के प्रमुख दर्शनीय इलाके
डल झील एक विशाल शहरी झील है, जिसके अलग-अलग जल-भाग, तैरते बाग़ और किनारे पर फैले बाग़, उद्यान, हाउसबोट और होटल हैं। तैरते बाग़ों सहित इसका आर्द्रभूमि क्षेत्र 21.1 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
बाँध झील को गगरीबल, लोकुट दल, बोड दल और नागिन में बाँटते हैं; नागिन को एक स्वतंत्र झील भी माना जाता है। लोकुट दल में रूप लंक नाम का द्वीप है, जिसे चार चिनारी भी कहते हैं, जबकि सोना लंक बोड दल में स्थित है।
तैरते बाग़ कश्मीरी में “राद” कहलाते हैं। वहाँ जुलाई और अगस्त में कमल खिलते हैं, जो झील के नज़ारे में मौसमी रंग भरते हैं।

शिकारा सैर की व्यवस्था कैसे करें
शिकारे पारंपरिक लकड़ी की नावें हैं, जिनका इस्तेमाल सैर-सपाटे, स्थानीय आवागमन और हाउसबोट से किनारे तक आने-जाने के लिए किया जाता है। इन्हें पंजीकृत नाव-मालिक चलाते हैं।
आप पंजीकृत नाव-मालिक के ज़रिए सैर की व्यवस्था कर सकते हैं। किराया अवधि और मार्ग के अनुसार तय होता है, इसलिए रवाना होने से पहले दोनों बातें तय कर लें। ज़िला प्रशासन के दिशा-निर्देशों में सैर की कोई एक तय अवधि या प्रकाशित मौजूदा किराया नहीं दिया गया है।
हाउसबोट झील पर ठहरने की सुविधा देते हैं, जबकि शिकारे उसके पानी में चलते हैं। अगर आप हाउसबोट में ठहरे हैं, तो शिकारा आपको किनारे तक भी पहुँचा सकता है।

तैरता सब्ज़ी बाज़ार और सुबह जल्दी निकलना
डल झील का तैरता सब्ज़ी बाज़ार सुबह-सुबह देखने लायक जगह है, इसलिए जल्दी उठने की योजना बनाएँ और पिछली रात ही शिकारा तय कर लें।
पानी पर होने वाली हलचल देखने का यह एक तरीका है; तैरते बाग़ भी झील की पहचान हैं। कश्मीरी में राद कहलाने वाले इन बाग़ों में जुलाई और अगस्त में कमल खिलते हैं।

किनारे की सैर और पास के बाग़
शालीमार बाग़ और निशात बाग़ डल झील के किनारे बने मुग़लकालीन बाग़ हैं, जिन्हें सम्राट जहाँगीर के शासनकाल में बनवाया गया था। पानी पर बिताए समय के साथ इन्हें सैर में शामिल करना स्वाभाविक है।
निशात बाग़ को और करीब से देखने के लिए, अपने दिन में बाग़ की सैर की योजना बनाने हेतु निशात बाग़ की सैर की इस मार्गदर्शिका को देखें।
शालीमार बाग़ भी झील किनारे का एक बाग़ है, और झील से आगे घूमने लायक बाग़ों में चश्मे शाही का नाम भी शामिल है।
अगर आप किसी और बाग़ को घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन की मार्गदर्शिका में श्रीनगर के इस दर्शनीय स्थल की जानकारी है।
झील तक पहुँचने के रास्ते
डल झील शेख़ उल आलम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 17 किलोमीटर, श्रीनगर रेलवे स्टेशन से 14 किलोमीटर और लाल चौक से 5 किलोमीटर दूर है। ये दूरियाँ झील तक की हैं, किसी ख़ास घाट या होटल तक की नहीं। नक़ाश रेजिडेंसी श्रीनगर में स्थित एक गेस्टहाउस है।
श्रीनगर में निजी टैक्सियाँ और कैब चलती हैं। इनमें से किसी से जाएँ, तो सफ़र शुरू होने से पहले किराया तय कर लें। टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, नगर बसें और शिकारे स्थानीय परिवहन के विकल्पों में शामिल हैं।
बाग़ों की ओर से शुरू होने वाली श्रीनगर की एक-दिवसीय यात्रा योजना आपको बाग़ों की सैर को अन्य पड़ावों के साथ जोड़ने में मदद कर सकती है।
श्रीनगर में ठहरने के लिए नक़ाश रेजिडेंसी के कमरों के विकल्प देखे जा सकते हैं।
किराये, समय और सुरक्षा से जुड़ी बातें पहले तय करें
नाव पर सवार होने से पहले पंजीकृत नाव-मालिक के साथ मार्ग, सैर की अवधि और किराया तय कर लें। तैरते सब्ज़ी बाज़ार के लिए पिछली रात ही व्यवस्था करें और सुबह जल्दी निकलने की योजना बनाएँ।
ताज़ा और उपयोगी जानकारी के लिए रवाना होने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें। इसमें शिकारा सैर और स्थानीय परिवहन से जुड़े श्रीनगर ज़िला प्रशासन के दिशा-निर्देश भी शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डल झील में कितने जल-भाग हैं?
बाँध झील को चार जल-भागों में बाँटते हैं: गगरीबल, लोकुट दल, बोड दल और नागिन। नागिन को एक स्वतंत्र झील भी माना जाता है।
तैरते बाग़ों में कमल कब खिलते हैं?
तैरते बाग़ों में जुलाई और अगस्त के दौरान कमल खिलते हैं।
क्या तैरते सब्ज़ी बाज़ार के लिए शिकारा पहले से तय करना चाहिए?
हाँ। सुबह जल्दी निकलने की योजना बनाएँ और पिछली रात ही शिकारा तय कर लें।
झील के पास कौन-से बाग़ घूम सकते हैं?
शालीमार बाग़ और निशात बाग़ किनारे पर बने मुग़लकालीन बाग़ हैं। झील से आगे श्रीनगर के दर्शनीय स्थलों में चश्मे शाही का नाम भी शामिल है।
